Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

New Post

latest

Sex Prem Nahin Hai | सेक्स प्रेम नहीं है!

सेक्स प्रेम नहीं है! जीवन बहुत सरल है पर हम माहिर हैं हर चीज़ को कठिन बना देने में। प्रेम से सरल कुछ भी नहीं। आपको कोई अच्छा लगता है, आप उसे ...

सेक्स प्रेम नहीं है!

Sex-Prem-Nahin-Hai-सेक्स-प्रेम-नहीं-है

जीवन बहुत सरल है पर हम माहिर हैं हर चीज़ को कठिन बना देने में।

प्रेम से सरल कुछ भी नहीं। आपको कोई अच्छा लगता है, आप उसे खुश देखना चाहते हैं, अपने आसपास देखना चाहते हैं यह आपकी खुशी का हिस्सा है। अब प्यार किसी से कम, किसी से ज्यादा, किसी से बहुत ज्यादा हो सकता है।

प्यार बस इतना ही होता है। सेक्स का प्रेम से कोई लेना-देना नहीं। हाँ… सेक्स प्रेम का पार्ट हो सकता है, पर वो भी खुशी देने भर का हिस्सा मात्र है, किसी को सुख देने का माध्यम।

जब प्रेम की बात की जाए तो सेक्स प्रेम नहीं, सेक्स सिर्फ एक जरिया है सुख देने का।

अब यदि सेक्स की बात की जाए तो वो जीवन के लिए उतना ही जरूरी है जितना की खाना। जिस प्रकार पूर्ण और सही पोषण के अभाव में शरीर कुपोषित और बीमारियों का शिकार होता है सेक्स के अभाव में भी शरीर और दिमाग कुंठाओ और बीमारियों का शिकार हो जाता है।

इसलिए सेक्स अपने आप मे पूर्ण है और पूर्णतः आवश्यक है।

यदि प्रेम के बिना सेक्स संभव नही होता या मजेदार नहीं होता तो 80% या उस से भी ज्यादा स्त्री-पुरुष पति-पत्नी के रूप में साथ रहते हुए इस क्रिया को करते है, वो क्यों करते?

यदि प्रेम सेक्स का आधार होता तो प्रेमी-प्रेमिका के बीच जो प्रेम के सबसे खूबसूरत मोड़ पर खड़े हो उनके बीच सेक्स करना सामाजिक रूप से क्यों गलत होता? समाज उस हर जोड़े को सेक्स करने की छूट देता जो प्रेम में है।

परन्तु ऐसा नहीं है। इसलिए सेक्स और प्रेम अलग-अलग चीज़ें है जो आपस मे गुथी हुई हो सकती है, और अपने आप में पूर्णता अलग होते हुए भी पूर्ण हो सकती है।

कोई टिप्पणी नहीं

Please don't enter any spam link in the comment box !!!